अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह टैरिफ सैकड़ों अरब डॉलर के गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स के आयात को प्रभावित करेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह टैरिफ 3 मई से लागू होंगे और इसमें लगभग 150 तरह के ऑटो पार्ट्स शामिल किए गए हैं।

किन चीजों पर लगेगा टैरिफ?

नई टैरिफ लिस्ट में गाड़ियों के इंजन, ट्रांसमिशन, लिथियम-आयन बैटरी, टायर, शॉक एब्जॉर्बर, स्पार्क प्लग वायर और ब्रेक होज जैसे अहम पुर्जे शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर भी टैरिफ लगाया गया है। खास बात यह है कि ऑटोमोटिव कंप्यूटर भी उन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की श्रेणी में आ रहे हैं, जिन पर शुल्क लगेगा। 2024 में अमेरिका ने इस श्रेणी में $138.5 बिलियन का आयात किया था।

अलग से नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त टैरिफ

ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑटो और ऑटो पार्ट्स पर लगाए गए ये नए 25% टैरिफ अलग से किसी अन्य बेसलाइन या रेसिप्रोकल (पारस्परिक) टैरिफ के तहत नहीं आएंगे। यानी, इन पर दोहरी दरें लागू नहीं होंगी।

भविष्य में और बढ़ सकती है टैरिफ लिस्ट

व्हाइट हाउस ने वाणिज्य विभाग को 90 दिनों के अंदर एक नई प्रक्रिया तैयार करने के लिए कहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियां और ऑटो निर्माता सरकार से और अधिक आयातित ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ लगाने की मांग कर सकें। इस फैसले से अमेरिकी बाजार में गाड़ियों की कीमतों पर असर पड़ सकता है और विदेशी ऑटो कंपनियों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

अमेरिका-मैक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत राहत

अगर कोई वाहन अमेरिका-मैक्सिको-कनाडा व्यापार समझौते (USMCA) के नियमों के तहत आयात किया जाता है, तो उस पर केवल गैर-अमेरिकी हिस्सों के लिए ही 25% शुल्क देना होगा। इससे इन देशों से आने वाली गाड़ियों पर कुछ राहत मिल सकती है। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यह टैरिफ सीधे उपभोक्ताओं और निर्माताओं पर असर डाल सकते हैं।